उत्तर: विभिन्न देशों के बीच परस्पर संबंध और तीव्र एकीकरण की प्रक्रिया ही वैश्वीकरण कहलाती है। वैश्वीकरण के फलस्वरूप विभिन्न देशों के बीच अधिक से अधिक वस्तुओं तथा सेवाओं, निवेश और प्रौद्योगिकी का आदान-प्रदान हो रहा है।
बहुराष्ट्रीय कंपनियां वैश्वीकरण की प्रक्रिया में मुख्य भूमिका निभा रही है। उदाहरण के लिए कम उत्पादन लागत का लाभ उठाते हुए भारत में फोर्ड मोटर्स के चेन्नई संयंत्र से कारों तथा अन्य पुर्ज़ों का उत्पादन केवल भारत के लिए नहीं होता बल्कि यहां से उन्हें दुनिया के कई अन्य विकासशील देशों को भी निर्यात किया जाता है।
उत्तर: स्वतंत्रता के बाद भारत सरकार ने विदेशी व्यापार एवं विदेशी निवेश पर प्रतिबंध लगा रखा था।ऐसा देश के उत्पादकों को विदेशी उत्पादकों से संरक्षण प्रदान करने के लिए अनिवार्य माना गया। 1950 और 60 के दशकों में भारत में उद्योगों का उदय हो रहा था और इस अवस्था में आयात से प्रतिस्पर्धा इन उद्योगों को आगे नहीं बढ़ने देती। इसलिए भारत में उस समय केवल अनिवार्य चीजों जैसे पेट्रोलियम, मशीनरी, उर्वरक आदि के आयात की ही अनुमति थी।
1991 के प्रारंभ में नीतियों में कुछ दूरगामी परिवर्तन किए गए। सरकार ने तय किया कि भारतीय उत्पादकों का विश्व के उत्पादकों से प्रतिस्पर्धा करने का समय आ गया है क्योंकि प्रतिस्पर्धा से उत्पादन तथा उसकी गुणवत्ता बढ़ेगी। इस निर्णय का प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने समर्थन किया। अतः विदेशी व्यापार तथा विदेशी निवेश पर अवरोधों को काफी हद तक हटा दिया गया।
उत्तर: विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार ने श्रम कानून में लचीलापन लाने की अनुमति दे दी है। अब कंपनियां श्रमिकों को नियमित रोजगार देने की बजाय मांग तथा आवश्यकता के अनुसार श्रमिकों को नियोजित कर सकती हैं। इससे कंपनियों की श्रम लागत में बचत आती है। कोई भी कम्पनी श्रमिकों को माँग के हिसाब से लगा सकती है या हटा सकती हैं। इस प्रकार खर्चे में कटौती होने से कम्पनियों के लाभ में भी वृद्धि होती है।
उत्तर: दूसरे देशों में बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ निम्न तरीकों से उत्पादन या उत्पाद पर नियंत्रण स्थापित करती हैं-
1) कभी-कभी बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ इन देशों में स्थानीय कंपनियों के साथ संयुक्त रूप से उत्पादन करती हैं। संयुक्त उत्पादन से स्थानीय कंपनी को दोहरा लाभ होता है क्योंकि यह निवेश के लिए अतिरिक्त धन दे सकती हैं तथा उत्पादन के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी भी ला सकती हैं।
2) बहुराष्ट्रीय कंपनी निवेश का सबसे आम रास्ता स्थानीय कंपनियों को खरीदना और उसके बाद उत्पादन का प्रसार करना है।स्थानीय कम्पनी का व्यवसाय का ढ़ाँचा पहले से ही जमा हुआ होता है। जैसे- अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी कारगिल फूड्स में परख फूड्स जैसी छोटी भारतीय कंपनियां खरीद कर अपना व्यापार बढ़ाया है।
3) विश्व के कई देशों में अपनी पहचान बन चुकी कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ पहले दिन से ही स्वतंत्र रूप से काम करना शुरु करती है।
4) विकसित देशों की बहुराष्ट्रीय कंपनियां छोटे उत्पादकों को उत्पादन का ऑर्डर देती है और फिर अपने ब्रांड नाम से विश्व भर में बेचते हैं।इस तरह वस्त्र, जूते-चप्पल, खेल का सामान जैसे कई उत्पाद तैयार कराए व बेचे जाते हैं।
अतः स्थानीय कंपनी के साथ साझेदारी द्वारा या आपूर्ति के लिए स्थानीय कंपनियों का इस्तेमाल करके और स्थानीय कंपनियों से निकट प्रतिस्पर्धा करके अथवा उन्हें खरीद कर बहुराष्ट्रीय कंपनियां दूरस्थ स्थानों तक अपना प्रभाव जमा रही हैं।
उत्तर: कई शीर्षस्थ बहुराष्ट्रीय कंपनियों की संपत्ति विकासशील देशों की सरकारों के संपूर्ण बजट से भी अधिक है।विकसित देशों की बड़ी बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ अकसर दूसरे देशों में व्यापार के लिये अनुकूल वातावरण बनाने के लिये अपनी सरकारों पर दबाव डालती हैं। भारत जैसे कई विकासशील देश उनके लिए बड़े बाजार हैं जहां से उन्हें काफी मात्रा में मुनाफा मिल सकता है। इसलिए विकसित देश, विकासशील देशों से उनके व्यापार और निवेश का उदारीकरण चाहते हैं।विश्व व्यापार संगठन ने भी व्यापार और निवेश के उदारीकरण के लिए विकासशील देशों पर दबाव डाला है। ऐसी स्थिति में विकासशील देशों को अपने लिये भी वैसी ही सुविधा की माँग करनी चाहिए।
उत्तर: पूरे विश्व तथा भारत में भी वैश्वीकरण का प्रभाव एक समान नहीं है-
1) वैश्वीकरण से भारत जैसे विकासशील देशों में में व्यापार की मात्रा और लोगों के रोजमर्रा के जीवन में बहुत बदलाव हुआ है। लेकिन अभी भी सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी के एक बहुत बड़े भाग तक इसका लाभ नहीं पहुँच पाया है।
2) वैश्वीकरण से धनी उपभोक्ता और कुशल, शिक्षित एवं धनी उत्पादक ही लाभान्वित हुए हैं।
3) बड़ी-बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों से बढ़ती हुई प्रतिस्पर्धा के कारण कई छोटी इकाइयाँ बंद हो गई हैं। इसके कारण अनेक लोग गरीब तथा बेरोजगार हो गए हैं।
4) वैश्वीकरण और प्रतिस्पर्धा के दबाव ने श्रमिकों के जीवन को काफी प्रभावित किया है तथा श्रम के लचीलेपन के कारण उनका रोजगार सुनिश्चित नहीं है।
5) देसी तथा विदेशी उत्पादकों के बीच प्रतिस्पर्धा होने के कारण लोगों विशेष कर शहरी क्षेत्र के धनी उपभोक्ताओं के पास सामान तथा सेवाओं को प्राप्त करने के लिए अब अधिक तथा अच्छे विकल्प हैं।
उत्तर: सरकार द्वारा अवरोधों तथा प्रतिबंधों को हटाने की प्रक्रिया उदारीकरण कहलाती है। सरकार पहले की तुलना में कम नियंत्रण रखती है इसलिए उसे उदार कहा जाता है। व्यापार और निवेश नीतियों के उदारीकरण से वैश्वीकरण प्रक्रिया में बहुत सहायता मिली है-
1) विभिन्न देशों के बीच अधिक से अधिक वस्तुओं तथा सेवाओं, निवेश और प्रौद्योगिकी का आदान-प्रदान हो रहा है। 2) अनेक बड़ी बहुराष्ट्रीय कम्पनियों ने भारत जैसे कई विकासशील देशों में अपना उत्पादन शुरु किया है। इससे कई क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा के कारण गुणवत्ता बढी़ है।
3) व्यवसायियों को मुक्त रूप से निर्णय करने की अनुमति मिली है कि वह क्या आयात करना चाहते हैं या निर्यात करना चाहते हैं। विश्व व्यापार संगठन ने भी व्यापार एवं निवेश के उदारीकरण को बढ़ावा दिया है। इससे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि हुई है।
उत्तर: विदेश व्यापार से विश्व के विभिन्न बाजार आपस में जुड़ जाते हैं जिससे उनका एकीकरण होता है। इसे समझने के लिये मोबाइल फोन का उदाहरण लेते हैं। मोबाइल फोन बनाने वाली मुख्य कम्पनियाँ अमेरिका, यूरोप और एशिया में हैं। इन देशों में उत्पाद का डिजाइन तैयार होता है। मोबाइल के अलग अलग पार्ट पूर्वी एशियाई देशों (दक्षिण कोरिया, चीन, मलेशिया और ताइवान) में बनते हैं और उन्हें चीन या भारत में एसेंबल किया जाता है। फिर अंतिम उत्पाद को पूरी दुनिया में बेचा जाता है। यह उदाहरण विश्व के कई बाजारों के एकीकरण को दर्शाता है।
उत्तर: 1)आज से बीस साल बाद सारा संसार एक ग्लोबल बाजार बन जाएगा। जहाँ हम दुनिया के किसी भी कोने में स्थित कम्पनी को अपना ऑर्डर देकर सामान या सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।
2) कृत्रिम बुद्धिमत्ता, तीव्र इंटरनेट और विज्ञान की बढ़ती शक्ति से दूरदराज के क्षेत्रों में भी वैश्वीकरण बढ़ने की संभावना है। अंतरिक्ष का क्षेत्र भी इससे शायद अछूता नहीं रहेगा।
3) नगरीकरण की रफ्तार बढ़ेगी जिससे नगरों में जनसंख्या बढ़ने के अलावा नए नगरों का विकास भी होगा। पिछड़े और कम विकसित देशों की स्थिति भी मजबूत हो सकती है।
4) तीव्रतम संचार और परिवहन के उपलब्धता होने से कोई भी उत्पाद दुनिया के किसी भी कोने तक कम से कम समय में पहुँचाया किया जा सकेगा।
उत्तर: मुझे लगता है कि वैश्वीकरण से लाभ हुए हैं तो हानि भी हुई है। वैश्वीकरण के कारण बहुत सारी बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ हमारे देश में आई जिससे उत्पादकों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ी और वस्तुओं की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है। बाजार में अब पहले से ज्यादा विकल्प हैं जिससे लोगों का जीवन स्तर उन्नत हुआ है।
वहीं दूसरी ओर वैश्वीकरण के कारण छोटे उत्पादकों,लघु उद्योगों और विशेष कर श्रमिकों के जीवन पर बुरा प्रभाव भी पड़ा है क्योंकि अब रोजगार अनिश्चित हो गए हैं। श्रम के लचीलेपन के कारण गरीबी और बेरोजगारी भी बढ़ी है। विकासशील देशों की तुलना में विकसित देशों को वैश्वीकरण से अधिक लाभ हुआ है।
दो दशक पहले की तुलना में भारतीय खरीददारों के पास वस्तुओं के अधिक विकल्प हैं। यह …………….की प्रक्रिया से नजदीक से जुड़ा हुआ है। अनेक दूसरे देशों में उत्पादित वस्तुओं को भारत के बाजारों में बेचा जा रहा है। इसका अर्थ है कि अन्य देशों के साथ ………………बढ़ रहा है। इससे भी आगे भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा उत्पादित ब्रांडों की बढ़ती संख्या हम बाजारों में देखते हैं। बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ भारत में निवेश कर रही हैं क्योंकि ……………..। जबकि बाजार में उपभोक्ताओं के लिए अधिक विकल्प इसलिए बढ़ते ………….और ………………..के प्रभाव का अर्थ है उत्पादकों के बीच अधिकतम ……………।
उत्तर: दो दशक पहले की तुलना में भारतीय खरीददारों के पास वस्तुओं के अधिक विकल्प हैं। यह वैश्वीकरण की प्रक्रिया से नजदीक से जुड़ा हुआ है। अनेक दूसरे देशों में उत्पादित वस्तुओं को भारत के बाजारों में बेचा जा रहा है। इसका अर्थ है कि अन्य देशों के साथ अंतर्राष्ट्रीय व्यापार बढ़ रहा है। इससे भी आगे भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा उत्पादित ब्रांडों की बढ़ती संख्या हम बाजारों में देखते हैं। बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ भारत में निवेश कर रही हैं क्योंकि यह उनके लिये लाभदायक है। जबकि बाजार में उपभोक्ताओं के लिए अधिक विकल्प हैं। इसलिए बढ़ते उदारीकरण और वैश्वीकरण के प्रभाव का अर्थ है उत्पादकों के बीच अधिकतम प्रतिस्पर्धा।

उत्तर: (क)-(ब), (ख)-(य), (ग)-(द), (घ)-(स), (ड़)-(अ)
(अ) वैश्वीकरण के विगत दो दशकों में द्रुत आवागमन देखा गया है-
(क) देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं और लोगों का।
(ख) देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं और निवेशों का।
(ग) देशों के बीच वस्तुओं, निवेशों और लोगों का।
उत्तर: ख) देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं और निवेशों का।
(क) नये कारखानों की स्थापना
(ख) स्थानीय कंपनियों को खरीद लेना
(ग) स्थानीय कंपनियों से साझेदारी करना
उत्तर: (ख) स्थानीय कंपनियों को खरीद लेना।
(क) सभी लोगों के
(ख) विकसित देशों के लोगों के
(ग) विकासशील देशों के श्रमिकों के
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर: उपर्युक्त में से कोई नहीं