मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया
सभी प्रश्नों के उत्तर (Answers)
(Set1)(Set2)(Set3)
(Set1)
1. चीन, जापान और कोरिया में।
2. एकाॅर्डियन शैली।
3. किताबों का सुलेखन करने वाले लोग सु लेखक या खु़शख़त कहलाते थे जो हाथों से सुंदर बड़े सुडौल अक्षरों में कलात्मक लिखाई करते थे।
4. सुंदर लेखन कार्य या सुलेखन।
5. चीनी राजतंत्र की सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए।
6. शंघाई।
7. चीनी बौद्ध प्रचारक।
8. डायमंड सूत्र।
9. टोक्यो का।
10. त्रिपीटका कोरियाना।
11. उकियो चित्रकला शैली (तैरती दुनिया के चित्र)
12. चर्म पत्र या जानवरों के चमड़े से बनी लेखन सतह।
13. वुडब्लॉक प्रिंटिंग (लकड़ी की तख्ती वाली छपाई)
14. योहान गुटेन्बर्ग (जर्मनी)
15. बाइबल।
16. लेटरप्रेस छपाई में प्लॉटेन एक बोर्ड होता है जिसे कागज के पीछे दबा कर टाइप की छाप ली जाती है। पहले यह बोर्ड काठ का होता था जो बाद में इस्पात का बनने लगा।
17. कम्पोजी़टर।
18. छापेखाने में प्रयोग होने वाली धातु की फ्रेम जिसमें टाइप बिछाकर इबारत बनाई जाती थी।
19. लोकगीतों का ऐतिहासिक आख्यान जिसे गाकर सुनाया जाता है।
20.सोलवीं सदी के यूरोप में रोमन कैथोलिक चर्च में चला सुधारवादी आंदोलन जिससे कैथोलिक ईसाई मत के विरोध में कई धाराएँ निकली। मार्टिन लूथर प्रोटेस्टेंट सुधारकों में से एक थे।
(Set2)
1. मार्टिन लूथर का।
2. 95 स्थापनाएँ।
3. मिनर्वा- विद्या की देवी
मर्करी- विवेक के देवता
4. इनक्वीजी़शन (धर्म अदालत)
5.लातिन के विद्वान और कैथोलिक धर्म सुधारक इरैस्मस ने।
6. चाँद, सूरज की गति, ज्वार भाटा के समय और लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ी कई अहम जानकारियाँ देने वाला वार्षिक प्रकाशन।
7. पॉकेट बुक आकार की पुस्तकें जिन्हें इंग्लैंड में फेरीवाले बेचते थे।यह सोलवीं सदी की मुद्रण क्रांति के समय से लोकप्रिय हुई थी।
8. फ्रांसीसी उपन्यासकार लुई सेबेस्तिएँ मर्सिए ने।
9. राजकाज की ऐसी व्यवस्था जिसमें किसी एक व्यक्ति को संपूर्ण शक्ति प्राप्त हो और उस पर न कानूनी पाबंदी लगी हो और न ही संवैधानिक।
10. 1857 में।
11. 1812 में।
12. जेन ऑस्टिन, जॉर्ज इलियट, ब्राॅण्ट
बहनें।
13. 8000 शीट प्रति घंटे।
14. ऑफ़सेट प्रेस।
15. इंग्लैंड में।
16.ताड़ के पत्तों पर या हाथ से बने कागज पर।
17. गोवा में।
18. 1579 में कोचीन में।
19. 1713 में।
20. जेम्स ऑगस्टस हिक्की ने।
(Set3)
1.गंगाधर भट्टाचार्य ने जो राजा राममोहन राय के करीबी थे।
2. राजा राममोहन राय ने।
3. जाम-ए- जहाँ नामा, शम्सुल अखबार।
4. इस्लामी क़ानून और शरिया के विद्वान।
5. अनिश्चय या असमंजस की स्थिति में, इस्लामी कानून जानने वाले विद्वान, सामान्यतः मुफ्ती के द्वारा की जाने वाली वैधानिक घोषणा।
6. कोलकाता से (कलकत्ता)।
7. 1867 में।
8.लखनऊ की नवल किशोर प्रेस और बंबई की श्री वेंकटेश्वर प्रेस।
9. राजा रवि वर्मा ने।
10. रशसुंदरी देबी ने।
11. राम चड्ढा ने।
12. ज्योतिबा फुले ने।
13. ई॰ वी॰ रामास्वामी नायकर।
14. कानपुर के मिल मजदूर काशी बाबा ने।
15. लक्ष्मीनाथ बेज़बरुवा ने।
16. वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट।
17. केसरी अखबार में।
18. 22 अखबारों को।
19. 1877 में।
20. सच्ची कविताएँ।